नई दिल्ली।
केरल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मतदाताओं के लिए आज का दिन अहम होने वाला है। चुनाव आयोग आज इन तीनों राज्यों की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (Special Intensive Revision – Draft Electoral Roll) जारी करने जा रहा है। इस नई ड्राफ्ट सूची में मौजूदा वोटर लिस्ट की तुलना में कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक, यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अपडेटेड बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। इससे पहले जिन राज्यों में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी, वहां बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए थे, जिन्हें हटाया गया या संशोधन के दायरे में रखा गया।
किन नामों पर पड़ सकता है असर
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उन नामों को हटाया जा सकता है—
* जो डुप्लीकेट पाए गए हों
* जिन मतदाताओं ने राज्य या शहर बदल लिया हो
* जिनकी जानकारी जैसे उम्र, पता या दस्तावेज रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही हो
* जिनका सत्यापन तय मानकों के अनुसार नहीं हो पाया हो
हालांकि, यह सूची अभी ड्राफ्ट है, यानी अंतिम नहीं।
कैसे चेक करें अपना नाम
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मतदाता अपना नाम चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट
👉 voters.eci.gov.in
पर जाकर आसानी से जांच सकते हैं।
मतदाता यहां—
* EPIC नंबर से
* या फिर नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण डालकर
अपना रिकॉर्ड सर्च कर सकते हैं।
नाम कट गया तो क्या होगा?
अगर ड्राफ्ट लिस्ट में किसी मतदाता का नाम नहीं मिलता या उसमें गलती दिखाई देती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ड्राफ्ट लिस्ट जारी करने के बाद आपत्ति और दावा दर्ज कराने का समय देता है। इस दौरान जरूरी दस्तावेज जमा कर नाम दोबारा जुड़वाया या विवरण सही कराया जा सकता है।
क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया
चुनाव आयोग का मानना है कि समय-समय पर इस तरह की गहन समीक्षा से—
* फर्जी वोटिंग पर रोक लगती है
* चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ती है
* वास्तविक और पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहते हैं
केरल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ड्राफ्ट सूची में कितने नाम हटते हैं, कितने जुड़ते हैं और कितने मतदाताओं को संशोधन के लिए आवेदन करना पड़ता है।
