नई दिल्ली।
दुनियाभर में ईसाई समुदाय 25 दिसंबर को क्रिसमस डे बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाता है। हालांकि, यह जानना भी ज़रूरी है कि हर देश में क्रिसमस को लेकर नियम एक जैसे नहीं हैं। कुछ देशों में इस त्योहार को खुले तौर पर मनाने पर कानूनी पाबंदियां हैं, तो कहीं सार्वजनिक उत्सव पर सख़्त नियंत्रण लागू है।
जानकारों के मुताबिक, इन नियमों का उद्देश्य कई देशों में धार्मिक कानूनों, सांस्कृतिक परंपराओं और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना बताया जाता है।
इन देशों में क्रिसमस मनाने पर है पूरी पाबंदी
कुछ देशों में क्रिसमस से जुड़े आयोजनों पर पूरी तरह रोक है।
ब्रुनेई में सार्वजनिक रूप से क्रिसमस मनाने, सजावट करने या धार्मिक प्रतीकों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध है। यहां नियमों के उल्लंघन पर कठोर दंड और जुर्माने का प्रावधान बताया जाता है।
इसी तरह,
उत्तर कोरिया में किसी भी प्रकार का धार्मिक उत्सव सरकार की अनुमति के बिना संभव नहीं है।
सोमालिया में भी सुरक्षा और धार्मिक कानूनों के कारण क्रिसमस जैसे आयोजनों पर रोक है।
कजाकिस्तान में सार्वजनिक संस्थानों और स्कूलों में क्रिसमस समारोह सीमित या प्रतिबंधित माने जाते हैं।
इन देशों में सार्वजनिक रूप से उत्सव पर रोक
कुछ देशों में निजी तौर पर क्रिसमस मनाने की छूट है, लेकिन सार्वजनिक समारोह, सजावट या जुलूस पर रोक लगाई जाती है।
सऊदी अरब में लंबे समय तक सार्वजनिक क्रिसमस आयोजनों पर प्रतिबंध रहा है, हालांकि हाल के वर्षों में नियमों में कुछ नरमी की खबरें भी आई हैं, लेकिन अब भी सार्वजनिक प्रदर्शन सीमित माने जाते हैं।
लीबिया और भूटान में भी सार्वजनिक रूप से क्रिसमस उत्सव मनाने को लेकर सख़्त नियम लागू बताए जाते हैं।
क्यों लगाए जाते हैं ऐसे प्रतिबंध
विशेषज्ञों के अनुसार, इन देशों में क्रिसमस पर पाबंदी के पीछे—
* धार्मिक कानून
* सांस्कृतिक पहचान
* सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा
जैसे कारण बताए जाते हैं। यह प्रतिबंध आमतौर पर धार्मिक स्वतंत्रता से अधिक सार्वजनिक आचरण से जुड़े होते हैं।
यात्रा से पहले नियम जानना क्यों ज़रूरी
विदेश यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह बेहद ज़रूरी है कि वे जिस देश में जा रहे हैं, वहां के स्थानीय कानून और धार्मिक नियमों की जानकारी पहले से रखें। अनजाने में नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
भारत में क्या स्थिति है
भारत में क्रिसमस एक राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है और सभी समुदायों के लोग इस पर्व में शामिल होते हैं। यहां क्रिसमस को लेकर किसी प्रकार की कानूनी पाबंदी नहीं है।
कुल मिलाकर, क्रिसमस शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है, लेकिन अलग-अलग देशों में इसके उत्सव से जुड़े नियम भिन्न हो सकते हैं। ऐसे में जानकारी और सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय है।
