कटंगपाली का महुआपाली इलाका खनिज माफिया के गिरफ्त में

सारंगढ़ नेशन ट्रैक डेस्क।। कटंगपाली यानी के डोलोमाइट का भंडार और इसी भंडार को खाली करने की जुगत में खनिज माफिया साल दर साल और भी सक्रिय होते जा रहे है ।डोलोमाइट से भरपूर इस इलाके ने न जाने कितने खनिज माफियाओं की तिजोरी में अपार धन का भंडार भर दिया है हमारा कहने का मतलब बस इतना है कि जिस डोलोमाइट पत्थर का राजस्व राज्य शासन को मिलना चाहिए था अब उसका लाभ केवल माफिया तंत्र उठा रहे है ।जिसका खामियाजा क्षेत्र में होने वाले सम्पूर्ण विकास पर पड़ने लगा है ।

ज्ञात हो कि जहां भी गौण खनिज होता है उस क्षेत्र का विकास बेहद तेजी से होता है बरसते राजस्व के रूप में शासन को उसकी रॉयल्टी सही से मिलनी चाहिए है लेकिन कटंगपाली में अवैध खनन का साम्राज्य ऐसा होने नहीं देना चाहता ।सीधी बात यह है कि खनिज माफिया नहीं चाहते कि शासन को कटंग पाली से पूरा राजस्व प्राप्त हो और क्षेत्र का विकास हो पाए क्योंकि लोगो का विकास हुआ तो माफियाओं के सामने लोग नतमस्तक नहीं होंगे और ऐसा नहीं हुआ तो माफियाओं की तिजोरी भरेगी नहीं और यही कारण है कि माफिया दिन प्रतिदिन और भी बलवान होते जा रहे है ।

महुआपाली पहले से डोलोमाइट खनिज संपदा से लबालब है और उसी खनिज की लूट मारी वर्तमान में बेधड़क बेबाक और बेखौफ जारी है ।इस क्षेत्र में स्थानीय कम दिगर जिले के खनिज माफिया बेहद सक्रिय भूमिका निभा रहे है ।सबसे बड़ी दिलचस्प की बात ये है कि न तो सरिया के तहसीलदार न ही सारंगढ़ SDM और न ही जिले का खनिज विभाग इस ओर गंभीरता दिखा रहे है ।

बताना लाजमी होगा कि हाल फील हाल में आशीष गोयल के सरेंडर वाले खदान में पंचायत की शिकायत पर खनिज विभाग ने कार्रवाई किया है लेकिन महत्वपूर्ण बात ये है कि महुआपाली में खनिज विभाग की टीम ने जाने की जहमत क्यों नहीं जुटाई? क्या यहां भी पंचायत के किसी शिकायत का इंतेजार है या फिर विभागीय अफसर यहां जाना ही नहीं चाहते ।हालांकि यह उनकी परेशानी है लेकिन सवाल तो उठना जायज है क्या किसी की शिकायत पर ही विभाग कार्रवाई करने का मूड बनाती है या फिर जवाबदारी तय नहीं हो पाया है ।

वैसे तो जिले में खनिज विभाग को खनिज की अवैध परिवहन खनन जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने की जिम्मेवारी दी जाती है जिसमें किसी के शिकायत का इंतजार नहीं होता बावजूद प्रतीत होता है सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले का खनिज विभाग शिकायत आने का इंतज़ार कर रहा है ।

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