महुआपाली में ब्लास्टिंग से दहला इलाका, अब प्रशासन पर उठ रहे बड़े सवाल
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के महुआपाली क्षेत्र में कथित अवैध खदान ब्लास्टिंग मामले ने अब प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में खनिज विभाग द्वारा अरविंद डालमिया से जुड़े बताए जा रहे खदान क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पोकलेन मशीन पर कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद अब उसी क्षेत्र में भारी ब्लास्टिंग होने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब पहले ही खनिज विभाग अवैध गतिविधियों की पुष्टि करते हुए कार्रवाई कर चुका था, तो फिर इतनी बड़ी ब्लास्टिंग आखिर कैसे हो गई? लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर किसके भरोसे इतना बड़ा जोखिम उठाया गया।
बुधवार रात हुए धमाके के बाद महुआपाली इलाके में डर और गुस्से का माहौल बन गया। कई ग्रामीणों ने भूकंप जैसे झटके महसूस होने का दावा किया। घरों में दरारें पड़ने और पानी टंकी प्रभावित होने की बातें भी सामने आ रही हैं। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण खदान स्थल पहुंच गए, जहां विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस को भी मौके पर पहुंचना पड़ा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि जब पहले से कार्रवाई हो चुकी थी, तब भी कथित अवैध खनन और ब्लास्टिंग का सिलसिला कैसे जारी रहा? क्या जिला प्रशासन इस मामले में कोई ठोस और स्थायी कदम नहीं उठा सकता?
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, विस्फोटक सामग्री की सप्लाई चैन की जांच हो और अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए। इलाके में लगातार बढ़ते आक्रोश के बीच अब लोगों की नजर प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
