नेशन ट्रैक संवाददाता। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने सामान्य प्रशासन विभाग के नाम पर फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने व्हाट्सएप के जरिए फर्जी आदेश वायरल कर करीब 34 लोगों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मंत्रालय नवा रायपुर के विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। फर्जी आदेश में सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर इसे असली दिखाने की कोशिश की गई, जिससे बेरोजगार युवक-युवतियां झांसे में आ गए।

मामले का खुलासा तब हुआ जब सामान्य प्रशासन विभाग के कर्मचारी राजपाल बघेल ने 24 अप्रैल 2026 को थाना राखी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 5 मार्च 2026 का फर्जी नियुक्ति आदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसके जरिए लोगों से पैसे वसूले जा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी जांच और मोबाइल नंबरों के विश्लेषण के आधार पर आरोपी राजेश शर्मा उर्फ राजू को डोंगरगढ़ से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव का नाम उजागर किया, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि राजेश शर्मा शासकीय शिक्षक है, जबकि मनोज कुमार श्रीवास्तव निजी स्कूल में क्लर्क है। दोनों ने मिलकर कंप्यूटर से फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया और व्हाट्सएप के माध्यम से प्रसारित कर लोगों को ठगा।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि भिलाई की एक महिला से 1.90 लाख रुपये लिए गए थे, जिसे बाद में लौटा दिया गया। शिकायत सामने आने के बाद आरोपियों ने फर्जी आदेश का प्रसार बंद कर दिया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर सेट और प्रिंटर जब्त किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी भर्ती संबंधी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से ही करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
